23/09/2026
जब इतिहास के पन्ने पलटते हैं, तो कुछ कहानियाँ समय से परे अमर हो जाती हैं। ऐसी ही एक अनमोल कहानी है थेवा कला की। 400 साल पहले शुरू हुआ रंगीन कांच और 23-कैरेट सोने का यह नायाब मेल आज भी उतना ही खास है जितना अपने पहले दिन था। ज़माने के साथ पहनने के तरीके ज़रूर बदले, मगर इसका शाही अंदाज़ आज भी बरक़रार है। आज के इस आधुनिक दौर में भी जब कोई थेवा पहनता है, तो वह महज़ गहना नहीं, बल्कि 400 सालों का एक अमर इतिहास पहनता है।