06/10/2025
नाक–कान छेड़ने/छेदने की सही विधिः–
नाक कान हिन्दू धर्म में नहीं अपितु अन्य कई धर्मों में भी शुभ माना जाता रहा है,भारत देश के अलावा भी अन्य कई देशों में स्त्री एवं पुरुष अनेकों तरीके व शरीर के विभिन्न हिस्सों में छेदन में रुचि रखते है, जहां स्त्री शक्ति बिना नाक कान छेदन के शोभायमान नहीं होती,वहीं पुरुष का पुरुषार्थ एवं भव्यता भी कान में पहने आभूषण से अलंकृत होता है।
अक्सर लोग कुछ सोशल मीडिया पर वीडियो देख कर भ्रमित होते हे कि gun/मशीन से कान नाक में छेड़ने/छेदने से दर्द नहीं होता, ये पूरी तरह मिथ्या है, बल्कि इस तकनीक से नाक कान के ऊत्तकों को गंभीर हानि का सामना करना पड़ता है। आप कल्पना कीजिए कि बंदूक की गोली शरीर को ज्यादा नुकसान पहुंचाएगी या चाकू का कोई घाव? तेजी से घुसी हुई गोली आस पास मांस पेशियों ऊतकों को तहस नहस कर देती हे,ठीक उसी तरह जब स्प्रिंग के झटके से gun को कान या नाक के आर पार कराया जाता है,वो भरी नुकसान कर देती है।
दूसरी बात जो हे वो ये गांठ बांध लो कि बंदूक में इस्तेमाल होने वाला कान नाक में पहनाया जाने वाला जेवर लोहे या पीतल धातु का बना होता है,सोने व चांदी से बना वो हो ही नहीं सकता क्योंकि सोना चांदी इतने झटके को नहीं झेलता। तो अब आप खुद सोच लो कि ये लोहा आपके नए घाव में क्या घातक कर सकता है। जबकि उस नए बने घाव में कोई ऐसा धातु होना चाहिए जो स्थिर स्वभाव का हो।
विशेष नोट:–उपरोक्त जानकारी मनगढ़ंत नहीं हे,एवं इसकी पुष्टि आप स्वयं गूगल से या अन्य किसी AI की मदद से कर सकते है। एवं ये जानकारी हमे बरसो के तजुर्बे से प्राप्त हुई हे।
नाक कान छेड़े जाने के बाद ध्यान रखने योग्य विशेष बातें:–
प्रथम तो आपको बधाई ,क्योंकि अब आप स्वयं को सोने व चांदी के जेवरों से अलंकृत करने में सक्षम हो गए।
अभी कुछ दिन आपको बेहद ध्यान पूर्वक रहना हे,आपका नाक या कान का जो छेद हे,वो असल में एक खुला घाव हे,और वो वापिस बंद न हो इसके लिए उसमें चांदी या सोने की लौंग डाली गई है, यदि आपने उसे निकाल दिया तो आप वापिस शून्य पर आ जाएंगे,घाव हील हो जाएगा और छेद वापिस बंद हो जाएगा।
आपको इंतेज़ार करना हे कि वो घाव भीतर से सही होने लगे पर उसमें पड़ी लौंग की वजह से छेद न बंद हो,उसके लिए दूसरे या तीसरे दिन से आप हल्के हल्के लौंग को घुमाए।
घाव को क्लीन रखना हे, सुखा रखना हे,यदि साबुन या कोई अन्य केमिकल लगता हे तो उसे अच्छे से पानी से साफ करना हे एवं सुखा कर एक क्रीम आपको लगानी हे, वैसे तो ज्यादातर एंटीसेप्टिक क्रीम जैसे कि sofromycin की सलाह में देता आया हु,परन्तु गूगल की जानकारी से पता चला हे कि neosprin नामक एक क्रीम इसमें अधिक कारगर हे,इस क्रीम/लोशन की पिक्चर में इस मैनुअल के साथ अटैच कर दूंगा। क्रीम/लोशन को कम से कम 15 दिन लगाना लाभदायक हे।
चूंकि घाव का सही होना प्रत्येक शरीर की संरचना पर आधारित हे,जैसे शुगर की दिक्कत वाले इंसान को हील होने में ज्यादा समय लग सकता हे,और स्वस्थ वयस्क या बच्चे को कम समय में आराम पड़ सकता है,फिर भी कोई अति परेशानी होती हैं तो अवश्य ही अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
अंत में एक बात का विशेष नोट आप जहन में रखे कि 3 माह तक काफी बदलाव आपको नाक या कान में महसूस होता रहेगा जो कि तीसरे महीने के बाद से खत्म होने लगेगा,एवं पूरी तरह से घाव को सही होने में एक वर्ष का समय लगता है। इसलिए "संयम" को मूल मंत्र ही समझे। धन्यवाद